नवरात्रि व्रत — महत्व, विधि और लाभ
नवरात्रि व्रत — महत्व और विधि
नवरात्रि व्रत माँ दुर्गा (नौ रूप) को समर्पित व्रत है, जो चैत्र व आश्विन माह, नौ दिन रखा जाता है। यह व्रत शक्ति, सुरक्षा, रोग-नाश और मनोकामना पूर्ति के लिए किया जाता है।
श्रद्धा और नियम से किया गया यह व्रत जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शुभ फल लाता है।
नवरात्रि व्रत का महत्व
नवरात्रि व्रत का विशेष धार्मिक महत्व है — यह शक्ति, सुरक्षा, रोग-नाश और मनोकामना पूर्ति प्रदान करने वाला माना जाता है। माँ दुर्गा (नौ रूप) की कृपा से जीवन की बाधाएँ दूर होती हैं और मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।
नवरात्रि व्रत की विधि
नौ दिन देवी के नौ रूपों की पूजा करें, फलाहार व्रत रखें और अष्टमी/नवमी पर कन्या पूजन करें। व्रत के दिन सूर्योदय से पहले स्नान कर संकल्प लें, दिनभर श्रद्धापूर्वक पूजा-पाठ करें और शाम को व्रत कथा सुनकर विधि अनुसार व्रत खोलें।
व्रत के नियम
- सूर्योदय से पहले स्नान कर संकल्प लें
- मन, वचन और कर्म से शुद्ध रहें
- क्रोध, झूठ और तामसिक भोजन से बचें
- व्रत कथा सुनें और दान-पुण्य करें
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Frequently Asked Questions
नवरात्रि व्रत कब रखा जाता है?
नवरात्रि व्रत चैत्र व आश्विन माह, नौ दिन रखा जाता है।
नवरात्रि व्रत किस देवता को समर्पित है?
नवरात्रि व्रत माँ दुर्गा (नौ रूप) को समर्पित है।
नवरात्रि व्रत रखने से क्या लाभ होता है?
नवरात्रि व्रत से शक्ति, सुरक्षा, रोग-नाश और मनोकामना पूर्ति की प्राप्ति मानी जाती है।