हरतालिका तीज व्रत — महत्व, विधि और लाभ
हरतालिका तीज व्रत — महत्व और विधि
हरतालिका तीज व्रत माता पार्वती व शिव को समर्पित व्रत है, जो भाद्रपद शुक्ल तृतीया रखा जाता है। यह व्रत अखंड सौभाग्य और मनचाहा जीवनसाथी के लिए किया जाता है।
श्रद्धा और नियम से किया गया यह व्रत जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शुभ फल लाता है।
हरतालिका तीज व्रत का महत्व
हरतालिका तीज व्रत का विशेष धार्मिक महत्व है — यह अखंड सौभाग्य और मनचाहा जीवनसाथी प्रदान करने वाला माना जाता है। माता पार्वती व शिव की कृपा से जीवन की बाधाएँ दूर होती हैं और मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।
हरतालिका तीज व्रत की विधि
निर्जल व्रत रखें, शिव-पार्वती की मिट्टी की मूर्ति बनाकर पूजा करें। व्रत के दिन सूर्योदय से पहले स्नान कर संकल्प लें, दिनभर श्रद्धापूर्वक पूजा-पाठ करें और शाम को व्रत कथा सुनकर विधि अनुसार व्रत खोलें।
व्रत के नियम
- सूर्योदय से पहले स्नान कर संकल्प लें
- मन, वचन और कर्म से शुद्ध रहें
- क्रोध, झूठ और तामसिक भोजन से बचें
- व्रत कथा सुनें और दान-पुण्य करें
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Frequently Asked Questions
हरतालिका तीज व्रत कब रखा जाता है?
हरतालिका तीज व्रत भाद्रपद शुक्ल तृतीया रखा जाता है।
हरतालिका तीज व्रत किस देवता को समर्पित है?
हरतालिका तीज व्रत माता पार्वती व शिव को समर्पित है।
हरतालिका तीज व्रत रखने से क्या लाभ होता है?
हरतालिका तीज व्रत से अखंड सौभाग्य और मनचाहा जीवनसाथी की प्राप्ति मानी जाती है।