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राहु और केतु को समझें
| कारक | राहु | केतु |
|---|---|---|
| प्रकृति | महत्वाकांक्षा बढ़ाने वाला और भौतिक सुखों की ओर आकर्षित करने वाला | वैराग्य, आध्यात्मिकता और पूर्वजन्म के कर्मों से जुड़ा |
| संबंधित विषय | विदेश यात्रा, तकनीक और अचानक लाभ-हानि | आध्यात्मिकता, पूर्वजन्म के कर्म, मोक्ष और गूढ़ विद्याएं |
| उपाय से संबंधित ग्रह | शनि | मंगल |
राहु-केतु गोचर 2025-2026 — महत्वपूर्ण तिथियां
| घटना | तिथि |
|---|---|
| राहु का मीन राशि में और केतु का कन्या राशि में प्रवेश | 18 मई 2025 |
| मीन और कन्या राशि में गोचर की अवधि | 18 महीने |
| राहु का मीन राशि से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश | नवंबर 2026 |
सभी 12 राशियों पर राहु-केतु गोचर का प्रभाव
| राशि | राहु का भाव | केतु का भाव | प्रमुख भविष्यफल |
|---|---|---|---|
| मेष | 12वां | 6वां | विदेश यात्रा के अवसर, आध्यात्मिक विकास और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में राहत। |
| वृषभ | 11वां | 5वां | आय में वृद्धि के योग, संतान से जुड़े मामलों पर ध्यान देने की आवश्यकता। |
| मिथुन | 10वां | 4था | करियर में बड़े बदलाव और घरेलू जीवन में उतार-चढ़ाव की संभावना। |
| कर्क | 9वां | 3रा | भाग्य का साथ, यात्रा के अवसर और भाई-बहनों के साथ संबंधों में बदलाव। |
| सिंह | 8वां | 2रा | अचानक बदलाव और आर्थिक मामलों में पुनर्गठन की आवश्यकता। |
| कन्या | 7वां | 1ला | रिश्तों में बदलाव और आत्म-पहचान को लेकर नई समझ विकसित होना। |
| तुला | 6वां | 12वां | स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता और आध्यात्मिक एकांत की ओर झुकाव। |
| वृश्चिक | 5वां | 11वां | रचनात्मक कार्यों में लाभ और सामाजिक संबंधों की नए सिरे से समीक्षा। |
| धनु | 4था | 10वां | घर-परिवार में बदलाव और करियर के प्रति उदासीनता बढ़ने की संभावना। |
| मकर | 3रा | 9वां | संवाद और संपर्क में वृद्धि, विचारों तथा जीवन-दर्शन में बदलाव। |
| कुंभ | 2रा | 8वां | धन और बचत पर ध्यान, अचानक आर्थिक बदलाव की संभावना। |
| मीन | 1ला | 7वां | व्यक्तित्व में बड़े बदलाव और रिश्तों में परिवर्तन। |
राहु-केतु गोचर के उपाय
राहु के उपाय
- शनिवार के दिन "ॐ रां राहवे नमः" मंत्र का 108 बार जाप करें।
- शनिवार के दिन बहते जल में नारियल प्रवाहित करें।
- लगातार 18 दिनों तक चींटियों को आटे और चीनी का मिश्रण खिलाएं।
केतु के उपाय
- "ॐ कें केतवे नमः" मंत्र का 108 बार जाप करें।
- नियमित रूप से आवारा कुत्तों को भोजन कराएं।
- बहते जल में तिल अर्पित करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
2025 में राहु का मीन राशि में प्रवेश कब हुआ?
राहु ने 18 मई 2025 को मीन राशि में प्रवेश किया था। इसी समय केतु ने कन्या राशि में प्रवेश किया था।
राहु-केतु गोचर 2025-2026 से कौन-सी राशियां सबसे अधिक प्रभावित होंगी?
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, मीन और कन्या राशि के जातक इस गोचर से सीधे तौर पर प्रभावित हो सकते हैं। मिथुन और धनु राशि के जातकों पर भी इसके महत्वपूर्ण प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।
क्या राहु हमेशा अशुभ फल देता है?
नहीं, ज्योतिष में राहु को हमेशा अशुभ नहीं माना जाता। तीसरे, छठे, दसवें और ग्यारहवें भाव जैसे उपचय भावों में राहु कई बार महत्वाकांक्षा, करियर और भौतिक उपलब्धियों के लिए अनुकूल परिणाम दे सकता है। हालांकि, इसका प्रभाव कुंडली में राहु की स्थिति और अन्य ग्रहों के साथ उसके संबंधों पर निर्भर करता है।
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